श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 269
 
 
श्लोक  2.1.269 
एक - दिन श्रीवासादि यत भक्त - गण ।
महाप्रभुर गुण गाञा करेन कीर्तन ॥269॥
 
 
अनुवाद
एक दिन श्रीवास ठाकुर के नेतृत्व में सभी भक्तगण श्री चैतन्य महाप्रभु के दिव्य गुणों का कीर्तन कर रहे थे।
 
One day all the devotees including Srivas Thakur were singing the praises of the divine qualities of Sri Chaitanya Mahaprabhu.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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