Warning: Undefined array key 1 in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 93
Deprecated: nl2br(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 97
अनुवाद
इसके बाद भगवान ने कनिष्ठ हरिदास को दण्डित किया और दामोदर पंडित ने भगवान को चेतावनी दी।
After this Mahaprabhu punished little Haridas and Damodara Pandit gave some warnings to Mahaprabhu.
तात्पर्य
वास्तव में दामोदर पंडित भगवान के शाश्वत सेवक थे। वह कभी भी भगवान को दंड नहीं दे सकते थे, न ही उनकी कोई इच्छा थी, लेकिन उन्होंने भगवान को कुछ चेतावनी दी थी ताकि अन्य लोग उनकी निंदा न करें। बेशक, उन्हें पता होना चाहिए था कि भगवान सर्वोच्च भगवान हैं और किसी भी तरह से कार्य करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्हें चेतावनी देने की कोई आवश्यकता नहीं है, और इस तरह की हरकत उन्नत भक्तों द्वारा बहुत सराहनीय नहीं है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥