श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  2.1.108 
त्रिमल्ल भट्टेर घरे कैल प्रभु वास ।
ताहाञि रहिला प्रभु वर्षा चारि मास ॥108॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु वर्षा ऋतु के चार महीने त्रिमल्ल भट्ट के घर पर रहते थे।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu stayed in the house of Trimalla Bhatta for four months of the rainy season.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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