श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 8: लेखक का कृष्ण तथा गुरु से आदेश प्राप्त करना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  1.8.49 
सेइ सब लीलार शुनिते विवरण ।
वृन्दावन - वासी भक्तेर उत्कण्ठित मन ॥49॥
 
 
अनुवाद
वृन्दावन के सभी भक्तगण उन लीलाओं को सुनने के लिए बहुत उत्सुक थे।
 
All the devotees of Vrindavan were very eager to listen to these Leelas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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