श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 8: लेखक का कृष्ण तथा गुरु से आदेश प्राप्त करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.8.14 
यदि वा ताकिर् क कहे , - तकर् से प्रमाण ।
तकर् - शास्त्रे सिद्ध येइ, सेइ सेव्यमान ॥14॥
 
 
अनुवाद
तर्कशास्त्री कहते हैं, "जब तक कोई तर्क और तर्क के माध्यम से समझ हासिल नहीं करता, तब तक वह पूजनीय देवता का निर्णय कैसे कर सकता है?"
 
The Takara Shastri says, “Unless knowledge is gained through Takara, how can one decide about the deity to be worshipped?”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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