श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 6: श्रीअद्वैत आचार्य की महिमाएँ अध्याय सात  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.6.4 
महा - विष्णुर्जगत्कर्ता मायया यः सृजत्यदः ।
तस्यावतार एवायमद्वैताचार्य ईश्वरः ॥4॥
 
 
अनुवाद
भगवान अद्वैत आचार्य महाविष्णु के अवतार हैं, जिनका मुख्य कार्य माया के माध्यम से ब्रह्मांडीय दुनिया का निर्माण करना है।
 
Lord Advaita Acharya is the incarnation of Mahavishnu, whose main function is to create the world through Maya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)