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श्लोक 1.5.99  |
ताँहाइ प्र कट कैल वैकुण्ठ निज - धाम ।
शेष - शयन - जले करिल विश्राम ॥99॥ |
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| अनुवाद |
| वहाँ उन्होंने वैकुण्ठ को अपना धाम बनाया और भगवान शेष की शय्या पर जल में विश्राम किया। |
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| There he revealed Vaikuntha as his abode and started resting in the water on the bed of Lord Shesha. |
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