श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  1.5.81 
सृष्ट्यादि - निमित्ते येइ अंशेर अवधान ।
सेइ त’ अंशेरे कहि ‘अवतार’ नाम ॥81॥
 
 
अनुवाद
परमेश्वर का वह अंश, जिसे महापुरुष कहते हैं, सृष्टि, पालन तथा संहार के लिए प्रकट होता है और अवतार कहलाता है।
 
The parts of God that appear for the purpose of creation, preservation and destruction, known as great men, are called incarnations.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)