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श्लोक 1.5.66  |
एक अङ्गाभासे करे मायाते मिलन ।
माया हैते जन्मे तबे ब्रह्माण्डेर गण ॥66॥ |
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| अनुवाद |
| उनके शरीर की परावर्तित किरणें माया के साथ मिल जाती हैं और इस प्रकार माया असंख्य ब्रह्मांडों को जन्म देती है। |
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| The reflected rays of his body meet Maya, as a result of which Maya gives birth to many universes. |
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