तमस का अर्थ है अंधकार। भौतिक जगत अंधकारमय है, और भौतिक जगत से परे प्रकाश है। दूसरे शब्दों में, संपूर्ण भौतिक वातावरण से गुज़रने के बाद, कोई आलोकपूर्ण आध्यात्मिक आकाश में आ सकता है, जिसकी अवैयक्तिक प्रभा को सिद्धलोक के रूप में जाना जाता है। मायावादी दार्शनिक जो भगवान के सर्वोच्च व्यक्तित्व के शरीर में विलीन होने की आकांक्षा रखते हैं, साथ ही राक्षसी व्यक्ति जो कृष्ण द्वारा मारे जाते हैं, जैसे कंस और शिशुपाल, उस ब्रह्म तेज में प्रवेश करते हैं। योगी जो पतंजलि योग प्रणाली के अनुसार ध्यान के माध्यम से एकता प्राप्त करते हैं, वे भी सिद्धलोक पहुँचते हैं। यह ब्रह्मांड पुराण का एक श्लोक है।
