श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 212
 
 
श्लोक  1.5.212 
वृन्दावन - पुरन्दर श्री - मदन - गोपाल ।
रास - विलासी साक्षात्व्रजेन्द्र कुमार ॥212॥
 
 
अनुवाद
वृन्दावन के मुख्य देवता भगवान मदन गोपाल, रास नृत्य के आनंदकर्ता हैं और वे व्रज के राजा के पुत्र हैं।
 
Lord Madan Gopal, the main deity of Vrindavan, is an enjoyer of Rasa dance and is the real son of Vrajraj.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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