श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 209
 
 
श्लोक  1.5.209 
ये आगे पड़ये, तारे करये निस्तार ।
अतएव निस्तारिला मो - हेन दुराचार ॥209॥
 
 
अनुवाद
वह उन सभी का उद्धार करता है जो उसके सामने गिरते हैं। इसलिए उसने मुझ जैसे पापी और पतित व्यक्ति का उद्धार किया है।
 
He saves those who prostrate themselves before Him. So He has saved a sinful and fallen person like me.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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