श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 184
 
 
श्लोक  1.5.184 
श्याम - चिक्कण कान्ति, प्रकाण्ड शरीर ।
साक्षात्कन्दर्प, यैछे महा - मल्ल - वीर ॥184॥
 
 
अनुवाद
उनका रंग चमकदार काला था और उनकी लंबी, मजबूत, वीर कद-काठी उन्हें स्वयं कामदेव जैसा प्रतीत कराती थी।
 
He had a smooth dark complexion. With his tall, muscular, heroic physique, he resembled the embodiment of Cupid.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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