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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  1.5.112 
सकल जीवेर तिंहो हये अन्तर्यामी ।
जगत्पालक तिंहो जगतेर स्वामी ॥112॥
 
 
अनुवाद
वे समस्त जीवों के परमात्मा हैं। वे इस भौतिक जगत का पालन करते हैं और वे इसके स्वामी हैं।
 
He is the Supreme Being of all living entities. He maintains this material world and is its master.
तात्पर्य
लघु-भागवतामृत (पूर्व 2.36-42) इस ब्रह्मांड के भीतर विष्णुलोक का निम्नलिखित वर्णन विष्णु-धर्मोत्तर से उद्धृत करता है: "रुद्रलोक के ऊपर, भगवान शिव का ग्रह, विष्णुलोक कहलाता है, जिसकी परिधि 400,000 मील है, जो किसी भी जीवित प्राणी के लिए दुर्गम है। उस विष्णुलोक के ऊपर और सुमेरु पर्वत के पूर्व में नमक के पानी के सागर में महा-विष्णुलोक नामक एक स्वर्ण द्वीप है। भगवान ब्रह्मा और अन्य देवगण कभी-कभी भगवान विष्णु से मिलने के लिए वहां जाते हैं। भगवान विष्णु वहां भाग्यशाली देवी के साथ रहते हैं, और यह कहा जाता है कि वर्षा ऋतु के चार महीनों के दौरान वह शेष नागा शय्या पर सोने का आनंद लेते हैं। सुमेरु के पूर्व में दूध का सागर है, जिसमें सफेद द्वीप पर एक सफेद शहर है जहां भगवान को उनकी पत्नी लक्ष्मीजी के साथ शेष के सिंहासन पर बैठे देखा जा सकता है। विष्णु की वह विशेषता भी वर्षा ऋतु के चार महीनों के दौरान सोने का आनंद लेती है। दूध के सागर में श्वेताद्वीप नमक के पानी के सागर के दक्षिण में स्थित है। यह अनुमान लगाया गया है कि श्वेताद्वीप का क्षेत्रफल 200,000 वर्ग मील है। यह अलौकिक रूप से सुंदर द्वीप भगवान विष्णु और उनकी पत्नी को खुश करने के लिए इच्छा वृक्षों से सजाया गया है। ब्रह्मांड पुराण, विष्णु पुराण, महाभारत और पद्म पुराण में श्वेताद्वीप के संदर्भ हैं, और श्रीमद-भागवतम (11.15.18) में निम्नलिखित संदर्भ है।

श्वेतद्वीप-पतौ चित्तं शुद्धे धर्म-मये मयि

धारयन् च्वेतातां याति षड्-ऊर्मी-रहितो नरः

"मेरे प्रिय उद्धव, आप जानते होंगे कि श्वेताद्वीप में विष्णु का मेरा अलौकिक रूप दिव्यता में मेरे समान है। जो कोई भी इस श्वेताद्वीप के भगवान को अपने दिल में रखता है, वह छह भौतिक कष्टों की पीड़ा से आगे निकल सकता है: भूख, प्यास, जन्म, मृत्यु, विलाप और भ्रम। इस प्रकार व्यक्ति अपने मूल, अलौकिक रूप को प्राप्त कर सकता है।"

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)