श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 4: श्री चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य के गुह्य कारण  »  श्लोक 95
 
 
श्लोक  1.4.95 
जगत्मोहन कृष्ण, ताँहार मोहिनी ।
अतएव समस्तेर परा ठाकुराणी ॥95॥
 
 
अनुवाद
भगवान कृष्ण संसार को मोहित करते हैं, किन्तु श्रीराधा तो उन्हें भी मोहित कर लेती हैं। इसलिए वे सभी में सर्वोच्च देवी हैं।
 
Lord Krishna captivates the world, but Sri Radha captivates even Him. Therefore, She is the greatest of all goddesses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)