श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 2: पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् श्री चैतन्य महाप्रभु  »  श्लोक 114
 
 
श्लोक  1.2.114 
केहो कहे, कृष्ण क्षीरोद - शायी अवतार ।
असम्भव नहे, सत्य वचन सबार ॥114॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोग कहते हैं कि कृष्ण क्षीरोदकशायी विष्णु के अवतार हैं। इनमें से कोई भी कथन असंभव नहीं है; प्रत्येक कथन उतना ही सत्य है जितना कि अन्य।
 
Some say that Krishna is an incarnation of Kshirodakasayi Vishnu. None of these statements is impossible. Each is as true as the others.
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