vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ
»
श्लोक 90
श्लोक
1.17.90
एक - दिन प्रभु श्रीवासेरे आज्ञा दिल ।
‘बृहत्सहस्र - नाम’ पड़, शुनिते मन हैल ॥90॥
अनुवाद
एक दिन भगवान ने श्रीवास ठाकुर को बृहत् सहस्रनाम [भगवान विष्णु के हजार नाम] पढ़ने का आदेश दिया, क्योंकि वे उस समय उन्हें सुनना चाहते थे।
One day Mahaprabhu asked Srivasa Thakura to recite the Brihat Sahasranama (Vishnu Sahasranama) as Mahaprabhu felt like listening to it at that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×