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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 1: आदि लीला
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अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ
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श्लोक 326
श्लोक
1.17.326
चतुर्दशे ‘बाल्य - लीला’र किछु विवरण ।
पञ्चदशे ‘पौगण्ड - लीला’र सङ्क्षेपे कथन ॥326॥
अनुवाद
चौदहवें अध्याय में भगवान की बाल लीलाओं का कुछ वर्णन है।पंद्रहवें अध्याय में भगवान की बाल लीलाओं का संक्षिप्त वर्णन है।
The fourteenth chapter describes some of Mahaprabhu's childhood pastimes. The fifteenth chapter briefly describes Mahaprabhu's youthful pastimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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