श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 323
 
 
श्लोक  1.17.323 
दशमेते मूल - स्कन्धेर ‘शाखादि - गणन’।
सर्व - शाखा - गणेर यैछे फल - वितरण ॥323॥
 
 
अनुवाद
दसवें अध्याय में मुख्य तने की शाखाओं और उपशाखाओं तथा उनके फलों के वितरण का वर्णन किया गया है।
 
In the tenth chapter, the distribution of branches and sub-branches of the main stem and their fruits has been described.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)