श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 294
 
 
श्लोक  1.17.294 
सेइ व्रजेश्वर - इहँ जगन्नाथ पिता ।
सेइ व्रजेश्वरी - इहँ शचीदेवी माता ॥294॥
 
 
अनुवाद
व्रजभूमि के राजा, पिता नंद, अब चैतन्य महाप्रभु के पिता जगन्नाथ मिश्र हैं। और व्रजभूमि की रानी, ​​माता यशोदा, अब भगवान चैतन्य की माता शचीदेवी हैं।
 
King Nanda of Vrajabhumi is now Jagannatha Mishra, the father of Sri Chaitanya Mahaprabhu, and the Queen Mother Yashoda of Vrajabhumi is Shachidevi, the mother of Chaitanya Mahaprabhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)