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श्लोक 274
श्लोक
1.17.274
एइ आदि - लीलार कैल सूत्र गणन ।
विस्तारि वर्णिला इहा दास वृन्दावन ॥274॥
अनुवाद
इस प्रकार मैंने आदि-लीला की घटनाओं का सारांश प्रस्तुत किया है। श्रील वृन्दावन दास ठाकुर ने [अपने चैतन्य-भागवत में] इनका विस्तृत वर्णन किया है।
Thus I have briefly described the events of Adilila. Srila Vrindavana Dasa Thakura has described them in detail (in the Chaitanya-Bhagavatam).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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