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अनुवाद
वे तुरन्त गंगा नदी की ओर दौड़े और उस स्त्री के पाप कर्मों का प्रतिकार करने के लिए उसमें कूद पड़े। भगवान नित्यानन्द और हरिदास ठाकुर ने उन्हें पकड़ लिया और नदी से बाहर निकाल लिया।
He immediately ran to the Ganges River and jumped into it to wash away the woman's sins. Nityananda Prabhu and Haridas Thakura caught hold of him and pulled him out of the river.
तात्पर्य
श्री चैतन्य महाप्रभु स्वयं भगवान हैं, लेकिन वो एक धर्म प्रचारक का किरदार निभा रहे थे। हर धर्म प्रचारक को जानना चाहिए कि वैष्णव के पैर छूने और धूल लेने की अनुमति, जो लोग लेते हैं उनके लिए अच्छी हो सकती है लेकिन यह उन लोगों के लिए अच्छा नहीं है जो इसकी अनुमति देते हैं। जहाँ तक हो सके, इस प्रथा से आम तौर पर बचा जाना चाहिए। केवल दीक्षित शिष्यों को ही इसका लाभ उठाने की अनुमति दी जानी चाहिए, दूसरों को नहीं। जो लोग पापपूर्ण कार्यों से भरे हैं, आम तौर पर उनसे बचना चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥