श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 238
 
 
श्लोक  1.17.238 
ताहि मध्ये छय - ऋतु लीलार वर्णन ।
मधु - पान, रासोत्सव, जल - केलि कथन ॥238॥
 
 
अनुवाद
श्रीवास पंडित ने छह ऋतुओं में होने वाली सभी लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने मधुपान, रास-नृत्य, यमुना-तैराकी आदि का वर्णन किया।
 
Srivasa Pandita described all the pastimes performed during the six seasons. He described drinking honey, performing the Raas dance, swimming in the Yamuna, and other such events.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)