श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  1.17.211 
कृष्णेर कीर्तन करे नीच बाड़ बाड़ ।
एइ पापे नवद्वीप हइबे उजाड़ ॥211॥
 
 
अनुवाद
"अब निम्न वर्ग के लोग बार-बार हरे कृष्ण महामंत्र का जाप कर रहे हैं। इस पापपूर्ण कृत्य के कारण, पूरा नवद्वीप नगर वीरान हो जाएगा।
 
"Now even the low caste people are repeatedly chanting the Hare Krishna mantra. Because of this sinful act, the entire city of Navadvipa will become desolate."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)