श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 192
 
 
श्लोक  1.17.192 
तबे त’ नगरे हइबे स्वच्छन्दे कीर्तन ।
शुनि’ सब म्लेच्छ आ सि’ कैल निवेदन ॥192॥
 
 
अनुवाद
“तब सभी मांसाहारी लोग यह सुनकर कि शहर में बेरोकटोक सामूहिक भजन-कीर्तन होगा, एक याचिका प्रस्तुत करने आए।
 
Then all the non-vegetarian Yavanas, hearing that there would be free Sankirtan in the city, came and requested.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)