श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  1.17.188 
काजी कहे , - इहा आमि कारे ना कहिल ।
सेइ दिन आमार एक पियादा आइल ॥188॥
 
 
अनुवाद
काजी ने आगे कहा, “मैंने इस घटना के बारे में किसी से बात नहीं की, लेकिन उसी दिन मेरा एक अर्दली मुझसे मिलने आया।
 
The Qazi said, “I did not tell anyone about this incident, but on the same day one of my orderlies (servants) came to meet me.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)