"हमारे गाँव के रिश्ते में, नीलाम्बर चक्रवर्ती ठाकुर मेरे चाचा थे। ऐसा रिश्ता शारीरिक रिश्ते से भी ज़्यादा मज़बूत होता है।"
"Nilamber Chakravarti Thakur was like my uncle from the village. Such a bond is stronger than a physical one."
तात्पर्य
भारत में गाँवों के अन्दर भी सभी हिंदू और मुसलमान आपस में बहुत सौहाद्रपूर्वक रहते थे और एक दूसरे से भाईचारे का संबंध स्थापित कर रखा था। गाँव के बुजुर्ग सदस्यों को छोटे बच्चे, चाचा-काका कह कर सम्मान देते थे, और एक ही उम्र के लोग आपस में एक-दूसरे को भाई-भाई कहकर पुकारते थे। उनका आपस में बहुत घनिष्ठ संबंध था। यहाँ तक कि मुसलमान घरों से हिंदू घरों में तथा हिंदू घरों से मुसलमान घरों में भी निमंत्रण आते रहते थे। दोनों हिंदू और मुसलमान समाज के बड़े उत्सवों में एक दूसरे के घरों में आने के अभ्यस्त थे। पचास-साठ वर्ष पूर्व तक हिंदू और मुसलमानों के संबंध बहुत मधुर थे और कहीं कोई झगड़ा नहीं होता था। मुसलमानों के शासन के समय भी, हम भारत के इतिहास में कहीं हिंदू-मुसलमानों के दंगे होते हुए नहीं पाते। हिंदू-मुसलमानों के बीच वैमनस्य का बीज गंदे राजनीतिज्ञों, विशेषकर विदेशी शासकों ने बोया, जिसके कारण धीरे-धीरे स्थिति इतनी भयंकर बन गई कि भारत का विभाजन हो गया और हिंदुस्तान तथा पाकिस्तान बन गये। सौभाग्य से हिंदू और मुसलमानों ही नहीं, अपितु समस्त समुदायों तथा राष्ट्रों को पुनः एक करने का उपाय अभी भी हरे कृष्ण आंदोलन भगवद्-प्रेम के मजबूत आधार पर कर सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)