Warning: Undefined array key 1 in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 93

Deprecated: nl2br(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 97
श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  1.17.128 
आर यदि कीर्तन करिते लाग पाइमु ।
सर्वस्व दण्डिया तार जाति ये लइमु ॥128॥
 
 
अनुवाद
“अगली बार जब मैं किसी को ऐसा संकीर्तन करते देखूंगा, तो मैं निश्चित रूप से उसकी सारी संपत्ति जब्त करके उसे दंडित करूंगा, साथ ही उसे मुसलमान भी बना दूंगा।”
 
“If next time I see anyone doing such Sankirtan, as a punishment I will not only confiscate all his property but will also convert him to Islam.”
तात्पर्य
उन दिनों हिन्दुओं को मुसलमान बनाना बहुत आसान था| अगर एक मुसलमान एक हिन्दु के शरीर पर पानी की छींटे मार दे, तो माना जाता था की वो हिन्दु मुसलमान हो गया है| बांग्लादेश में अंग्रेजो के शासन के दौरान आखिरी हिन्दू-मुस्लिम दंगे के दौरान, बहुत से हिन्दुओं को गाय का मांस जबरदस्ती उनके मुह में ठुसाकर मुसलमान बना दिया गया था| भगवान चैतन्य के समय में हिन्दु समाज इतना सख्त था की अगर कोई हिन्दु मुसलमान बन जाता था, तो उसको वापिस हिन्दु बनाया नहीं जा सकता था| इस तरह भारत में मुस्लिमों की आबादी बढ़ी| कोई भी मुसलमान बाहर से नहीं आया; सामाजिक रीति-रिवाजों के चलते हिन्दुओं को किसी ना किसी तरह मुसलमान बना दिया जाता था, जिसके बाद उनका हिन्दु समाज में वापिस लौटना नामुमकिन था| सम्राट औरंगजेब ने एक कर भी शुरू किया था जो की हिन्दुओं को सिर्फ इसलिए देना होता था क्युकी वो हिन्दु थे| इस तरह सभी गरीब हिन्दुओं ने खुद को कर से बचने के लिए मुसलमान बना लिया| इस तरह भारत में मुस्लिमों की आबादी बढ़ी| चांद काजी लोगों को उनके शरीर पर पानी की छींटे मारकर मुसलमान बनाने की धमकी देता था|
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)