कत दिने कैल प्रभु बङ्गेते गमन ।
याहाँ याय, ताहाँ लओयाय नाम - सङ्कीर्तन ॥8॥
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अनुवाद
कुछ दिनों के बाद भगवान पूर्वी बंगाल चले गये और जहाँ भी गये, उन्होंने संकीर्तन आन्दोलन चलाया।
After a few days, Mahaprabhu went to East Bengal and wherever he went, he started the Sankirtana movement.
तात्पर्य
हालाँकि भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु और अनुश्रुति परम्परा के उनके भक्त, तर्कों में सभी प्रकार के विद्वानों, वैज्ञानिकों और दार्शनिकों को पराजित कर सकते हैं, इस प्रकार भगवान के व्यक्तित्व के वर्चस्व की स्थापना कर सकते हैं, लेकिन उपदेशक के रूप में उनका मुख्य व्यवसाय हर जगह संकीर्तन का परिचय देना है। केवल विद्वानों और दार्शनिकों को पराजित करना किसी उपदेशक का व्यवसाय नहीं है। उपदेशकों को एक साथ संकीर्तन आन्दोलन का परिचय देना चाहिए, क्योंकि यही चैतन्य पंथ का मिशन है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥