श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु की बाल्य तथा कैशोर लीलाएँ  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  1.16.77 
‘श्री - युक्त लक्ष्मी’ अर्थे अर्थेर विभेद ।
पुनरुक्तवदाभास, शब्दालङ्कार - भेद ॥77॥
 
 
अनुवाद
"लक्ष्मी को श्री [ऐश्वर्य] से युक्त बताना, कुछ दोहराव के साथ अर्थ में भिन्नता प्रस्तुत करता है। यह शब्दों का दूसरा अलंकारात्मक प्रयोग है।"
 
"There is a difference in meaning by saying Lakshmi is blessed with Shri (aishwarya) along with Punarukti. This is the second word of mouth Punaruktavadabhasa."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)