एइ मत बङ्गेर लोकेर कैला महा हित ।
‘नाम’ दिया भक्त कैल, पड़ाञा पण्डित ॥19॥
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अनुवाद
इस प्रकार श्री चैतन्य महाप्रभु ने पूर्वी बंगाल के लोगों को हरिनाम, हरे कृष्ण महामंत्र के जाप की दीक्षा देकर तथा उन्हें शिक्षित करके विद्वान बनाकर, उनका बहुत बड़ा कल्याण किया।
In this way, Sri Chaitanya Mahaprabhu did a great favor to the people of East Bengal by initiating them into the chanting of Hari-nama, i.e., the Hare Krishna Mahamantra, and by educating them and making them scholars.
तात्पर्य
श्री चैतन्य महाप्रभु के पदचिन्हों पर चलते हुए, कृष्ण चेतना आंदोलन हरे कृष्ण महामंत्र का वितरण कर रहा है और पूरे विश्व के लोगों को इसे जपने के लिए प्रेरित कर रहा है। हम लोगों को पारलौकिक साहित्य का एक विशाल खजाना दे रहे हैं, जिसका दुनिया की सभी महत्वपूर्ण भाषाओं में अनुवाद किया गया है, और श्री चैतन्य महाप्रभु की कृपा से यह साहित्य बहुत अधिक बिक रहा है और लोग हरे कृष्ण महामंत्र का उच्चारण बड़े प्रेम से कर रहे हैं। यह चैतन्य पंथ की प्रचार प्रक्रिया है। चूँकि भगवान चाहते थे कि यह पंथ पूरी दुनिया में प्रचारित हो, इसलिए इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस विनम्रतापूर्वक कार्य कर रहा है ताकि श्री चैतन्य महाप्रभु का दृष्टिकोण पूरी दुनिया में विशेष रूप से पश्चिमी देशों में पूरा हो सके।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥