श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु की बाल्य तथा कैशोर लीलाएँ  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  1.16.109 
ए - सब लीला वर्णियाछेन वृन्दावन - दास ।
ये किछु विशेष इहाँ करिल प्रकाश ॥109॥
 
 
अनुवाद
श्रील वृन्दावनदास ठाकुर ने इन सभी घटनाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया है। मैंने केवल उन विशिष्ट घटनाओं को प्रस्तुत किया है जिनका उन्होंने वर्णन नहीं किया है।
 
Srila Vrindavana Dasa Thakura has described all these events in detail. I have presented only those specific incidents that he did not describe.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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