एक - दिन वल्लभाचार्य - कन्या ‘लक्ष्मी’ नाम ।
देवता पूजिते आइल करि गङ्गा - स्नान ॥62॥
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अनुवाद
एक दिन वल्लभाचार्य की पुत्री लक्ष्मी नाम की एक कन्या गंगा नदी में स्नान करने और देवताओं की पूजा करने के लिए गंगा तट पर आई।
One day Vallabhacharya's daughter, named Lakshmi, came to the banks of the Ganga to take a bath in the river and worship the gods.
तात्पर्य
गौरा-गणोद्देश-दीपिका (४५) के अनुसार, लक्ष्मी पूर्वकाल में भगवान रामचंद्र की पत्नी जानकी थीं, और द्वारका में भगवान कृष्ण की पत्नी रुक्मिणी थीं। वही सौभाग्य की देवी भगवान चैतन्य महाप्रभु की पत्नी के रूप में लक्ष्मी के रूप में अवतरित हुईं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥