vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 14: श्री चैतन्य महाप्रभु की बाल-लीलाएँ
»
श्लोक 49
श्लोक
1.14.49
गङ्गा - स्नान क रि’ पूजा करिते लागिला ।
कन्यागण - मध्ये प्रभु आसिया बसिला ॥49॥
अनुवाद
जब कन्याएँ गंगा में स्नान करके विभिन्न देवताओं की पूजा में व्यस्त रहतीं, तब भगवान वहाँ आकर उनके बीच बैठ जाते।
When the girls took bath in the Ganges and started worshipping various gods, the child Mahaprabhu would come there and sit among them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×