श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 14: श्री चैतन्य महाप्रभु की बाल-लीलाएँ  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.14.35 
एत बलि’ जननीर कोलेते चड़िया ।
स्तन पान करे प्रभु ईषत् हासिया ॥35॥
 
 
अनुवाद
यह कहकर भगवान हल्के से मुस्कुराते हुए अपनी माता की गोद में चढ़ गए और उनका स्तन चूसने लगे।
 
Saying this, Mahaprabhu, smiling softly, climbed into his mother's lap and started breastfeeding.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)