vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 14: श्री चैतन्य महाप्रभु की बाल-लीलाएँ
»
श्लोक 35
श्लोक
1.14.35
एत बलि’ जननीर कोलेते चड़िया ।
स्तन पान करे प्रभु ईषत् हासिया ॥35॥
अनुवाद
यह कहकर भगवान हल्के से मुस्कुराते हुए अपनी माता की गोद में चढ़ गए और उनका स्तन चूसने लगे।
Saying this, Mahaprabhu, smiling softly, climbed into his mother's lap and started breastfeeding.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×