श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 14: श्री चैतन्य महाप्रभु की बाल-लीलाएँ  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.14.26 
देखि’ शची धा ञा आइला क रि’ ‘हाय, हाय’ ।
माटि का ड़ि’ लञा कहे ‘माटि केने खा य’ ॥26॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर माता शची जल्दी से लौटीं और बोलीं, "यह क्या है! यह क्या है!" उन्होंने भगवान के हाथों से मिट्टी छीन ली और पूछा कि वे इसे क्यों खा रहे हैं।
 
Seeing this, Shachimata returned in a panic, shouting, “What is this! What is this!” She snatched the mud from Mahaprabhu’s hands and asked, “Why are you eating this?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)