vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव
»
श्लोक 85
श्लोक
1.13.85
आमार हृदय हैते गेला तोमार हृदये ।
हेन बुझि, जन्मिबेन कोन महाशये ॥85॥
अनुवाद
"मेरे हृदय से यह आपके हृदय में प्रवेश कर गया। इसलिए मैं समझता हूँ कि शीघ्र ही एक महान व्यक्तित्व का जन्म होगा।"
"Then it passed from my heart into yours. So I feel that soon a great man will be born."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×