Warning: Undefined array key 1 in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 93

Deprecated: nl2br(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 97
श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  1.13.56 
श्रीहट्ट - निवासी श्री - उपेन्द्र मिश्र - नाम ।
वैष्णव, पण्डित, धनी, सद्गुण - प्रधान ॥56॥
 
 
अनुवाद
श्रीहट्टी जनपद के निवासी श्री उपेन्द्र मिश्र भी थे। वे भगवान विष्णु के परम भक्त, विद्वान, धनी और सभी गुणों के भंडार थे।
 
There was a resident of the Srihatta district named Shri Upendra Mishra. He was a great devotee of Lord Vishnu, a learned scholar, wealthy, and a repository of all virtues.
तात्पर्य
गौर-गणोद्देश दीपिका (35) में उपेंद्र मिश्र को पर्जन्य नामक गोपाल के रूप में वर्णित किया गया है। वही व्यक्तिगत एक समय भगवान कृष्ण के पितामह थे, फिर श्रीहट के उपेंद्र मिश्र के रूप में प्रकट हुए और सात पुत्रों को जन्म दिया। वह श्रीहट ज़िले के धाका-दक्षिण-ग्राम के निवासी थे। उस क्षेत्र के अभी भी कई निवासी हैं जो ख़ुद को श्री चैतन्य महाप्रभु के मिश्र परिवार से संबंधित बताते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)