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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 1: आदि लीला
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अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव
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श्लोक 18
श्लोक
1.13.18
बाल्य, पौगण्ड, कैशोर, यौवन, - चारि भेद ।
अतएव आदि - खण्डे लीला चारि भेद ॥18॥
अनुवाद
उनकी मूल लीलाओं में चार विभाग हैं: बाल्य, पौगण्ड, कैसर और यौवन [बचपन, प्रारंभिक लड़कपन, उत्तर लड़कपन और युवावस्था]।
There are four divisions in his Adilila - childhood, adolescence, adolescence and youth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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