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अनुवाद
जब भगवान चैतन्य ने जगन्नाथ पुरी में गुंडिका-मंदिर को स्वयं शुद्ध किया, तो गोपाल ने बड़े प्रेम और प्रसन्नता के साथ भगवान के सामने नृत्य किया।
When Lord Chaitanya used to clean the Gundicha Temple in Jagannatha Puri with his own hands, Gopal used to dance before Mahaprabhu with great love and joy.
तात्पर्य
गुंडीचा-मंदिर जगन्नाथपुरी में स्थित है और हर वर्ष जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा आठ दिनों तक रहने के लिए जगन्नाथ मंदिर से वहां आते हैं। जब भगवान चैतन्य महाप्रभु जगन्नाथपुरी में रहते थे, तो हर साल वह अपने मुख्य भक्तों के साथ इस मंदिर को व्यक्तिगत रूप से साफ करते थे। चैतन्य-चरितामृत (मध्यम 12) का गुंडीचा-मार्जन अध्याय इस दृश्य को स्पष्ट रूप से वर्णित करता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥