vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 12: अद्वैत आचार्य तथा गदाधर पण्डित के विस्तार
»
श्लोक 14
श्लोक
1.12.14
चैतन्य गोसाञि र गुरु - केशव भारती ।
एइ पितार वाक्य शुनि’ दुःख पाइल अति ॥14॥
अनुवाद
जब अच्युतानन्द ने अपने पिता से सुना कि केशव भारती भगवान चैतन्य महाप्रभु के आध्यात्मिक गुरु हैं, तो वे बहुत दुखी हुए।
When Achyutananda heard from his father that Keshav Bharati was the guru of Chaitanya Mahaprabhu, he was extremely displeased.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×