vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 11: भगवान् नित्यानन्द के विस्तार
»
श्लोक 13
श्लोक
1.11.13
श्री रामदास आर, गदाधर दास ।
चैतन्य - गोसाञि र भक्त रहे ताँर पाश ॥13॥
अनुवाद
श्री रामदास और गदाधर दास नाम के भगवान चैतन्य के दो भक्त हमेशा श्री वीरभद्र गोसांई के साथ रहते थे।
Sri Ramdas and Gadadhara Das, two devotees of Sri Chaitanya Mahaprabhu, always lived with Sri Veerbhadra Gosain.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas