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अनुवाद
श्रील रघुनाथदास गोस्वामी का इरादा वृन्दावन जाकर रूप और सनातन के चरण कमलों का दर्शन करने और फिर गोवर्धन पर्वत से कूदकर अपने प्राण त्यागने का था।
Shri Raghunath Das Goswami desired to go to Vrindavan and have darshan of the form and the lotus feet of Sanatan and then give up his life by jumping from Govardhan mountain.
तात्पर्य
गिरधारी पर्वत की चोटी से छलांग लगाना आत्महत्या की एक ऐसी विधि है जिसे विशेष रूप से संत पुरुषों द्वारा अपनाया जाता है। भगवान चैतन्य और स्वरूप दामोदर के अंतर्घान के बाद, रघुनाथ दास गोस्वामी ने इन दोनों महापुरुषों से बिछुड़ने का अत्यधिक दुख अनुभव किया और इसलिए उन्होंने वृंदावन के गिरधारी पर्वत से छलांग लगाकर अपने जीवन का अंत करने का निश्चय किया। ऐसा करने से पहले, वे श्रील रूप गोस्वामी और सनातन गोस्वामी के चरण कमलों का दर्शन करना चाहते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥