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अनुवाद
वे दिन-रात मन ही मन राधा-कृष्ण की सेवा करते थे और प्रतिदिन तीन घंटे भगवान चैतन्य महाप्रभु के चरित्र पर प्रवचन करते थे।
He served Radha-Krishna in his mind day and night and discussed the character of Sri Chaitanya Mahaprabhu for three hours every day.
तात्पर्य
भगवान की पूजा अथवा भजन के संबंध में हमें रघुनाथ दास गोस्वामी के पदचिह्नों का अनुसरण करते हुए बहुत सी बातें सीखनी हैं। सभी गोस्वामी ऐसी ही पारलौकिक गतिविधियों में संलग्न थे, जैसा कि श्रीनिवास आचार्य ने उनके बारे में अपने काव्य (कृष्णोत्कीर्तन-गान-नर्तन-परौ प्रेमामृताम्बु-निधी) में वर्णित किया है। रघुनाथ दास गोस्वामी, श्रील रूप गोस्वामी और सनातन गोस्वामी के पदचिह्नों का अनुसरण करते हुए, व्यक्ति को भगवान के पवित्र नाम का जाप करके, विशेष रूप से भक्ति सेवा को बहुत सख़्ती से निष्पादित करना होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥