श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  3.9.80 
এই-মত দুই প্রভু বাকোবাক্য-রসে
ভোজন সম্পূর্ণ হৈল আনন্দ-বিশেষে
एइ-मत दुइ प्रभु वाकोवाक्य-रसे
भोजन सम्पूर्ण हैल आनन्द-विशेषे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दोनों प्रभुओं ने आपस में चर्चा का आनन्द लिया और भगवान ने प्रसन्नतापूर्वक अपना भोजन समाप्त कर लिया।
 
Thus the two Lords enjoyed their conversation and the Lord happily finished His meal.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)