vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 7
श्लोक
3.9.7
যে দিনে যে ভক্ত-গৃহে হয নিমন্ত্রণ
তাহাই পরম প্রীতে করেন ভোজন
ये दिने ये भक्त-गृहे हय निमन्त्रण
ताहाइ परम प्रीते करेन भोजन
अनुवाद
जब भी भगवान को किसी भक्त के घर आमंत्रित किया जाता तो वे बड़े प्रेम से वहां भोजन करते।
Whenever God was invited to a devotee's house, he would eat there with great love.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×