श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  3.9.67 
তুমি ইচ্ছা করিযা সে এ সব উত্পাত
করাইযা আছ, তাহা বুঝিল সাক্ষাত
तुमि इच्छा करिया से ए सब उत्पात
कराइया आछ, ताहा बुझिल साक्षात
 
 
अनुवाद
“मैं बिना किसी संदेह के समझ गया हूँ कि ये सभी उपद्रव आपकी इच्छा से ही आयोजित किये गये थे।
 
“I understand beyond a shadow of a doubt that all these disturbances were organized at your will.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)