श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 393
 
 
श्लोक  3.9.393 
ভক্তি করি’ যে শুনে চৈতন্য-অবতার
সেই সব জন সুখে পাইবে নিস্তার
भक्ति करि’ ये शुने चैतन्य-अवतार
सेइ सब जन सुखे पाइबे निस्तार
 
 
अनुवाद
जो कोई भी भगवान चैतन्य के कार्यकलापों को भक्तिपूर्वक सुनता है, वह आसानी से भवबन्धन से मुक्त हो जाता है।
 
Anyone who listens with devotion to the activities of Lord Chaitanya easily becomes free from material bondage.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)