श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.9.31 
তবে আমি ইহা সব পারি খাওযাইতে
এ কামনা মোর সিদ্ধ হয কোন্ মতে”
तबे आमि इहा सब पारि खाओयाइते
ए कामना मोर सिद्ध हय कोन् मते”
 
 
अनुवाद
"तो मैं उसे ये सारी चीज़ें खिला सकती हूँ। लेकिन मैं अपनी यह इच्छा कैसे पूरी करूँ?"
 
"So I can feed him all these things. But how do I fulfill this wish of mine?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)