श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 291
 
 
श्लोक  3.9.291 
“বালকেরে বাপ, শিখাইবা কৃপা-মনে
কে আছে তোমার ক্রোধ-পাত্র ত্রিভুবনে”
“बालकेरे बाप, शिखाइबा कृपा-मने
के आछे तोमार क्रोध-पात्र त्रिभुवने”
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! पिता करुणावश अपने पुत्रों को शिक्षा देता है। अतः तीनों लोकों में आपके क्रोध का पात्र कौन है?
 
O Lord, a father teaches his sons out of compassion. So, who in the three worlds deserves your wrath?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)